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  भातीय सेना द्बारा सर्जिकल स्ट्राइक के बाद बौखलाए पाकिस्तान ने सोमवार को अचानक एलओसी पर तनाव कम करने का शिगूफा छोड़ा। बकायदा, विदेशी मामलों पर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के सलाहकार सरताज अजीज ने कहा कि पाक के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) नासिर जंजुआ और भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार(एनएसए) अजीत डोभाल के बीच टेलीफोन पर बात हुई और दोनों देशों के एनएसए सीमा पर तनाव कम करने पर सहमत हो गए हैं। उन्होंने आगे यह भी जोड़ा कि भारत जबरदस्ती तनाव को बढ़ाकर कश्मीर मसले से दुनिया का ध्यान भटकाना चाहता है। 
       

   पाकिस्तान की तरफ से यह तथ्य तब सामने आया, जब जम्मू-कश्मीर के बारामूला में आतंकवादियों ने 46 राष्ट्रीय राइफल्स के कैंप पर हमला बोला। इसके अलावा पंजाब के गुरदासपुर में अंतर्राष्ट्रीय सीमा के साथ सटी सीमा सुरक्षा बल(बीएसएफ) की चौकी पर गोलीबारी की गई। वहीं, जम्मू-कश्मीर के पुंछ के शाहपुर सेक्टर में पाकिस्तान द्बारा सीजफायर का उल्लंघन किया गया और भारी गोलीबारी की गई। मोर्टार दागने की भी खबर है।
तीनों ही मामलों में भारतीय सेना ने हमेशा की तरह जांबाजी दिखाई और पाकिस्तान की तरफ से हुए नापाक मंसूबों पर पानी फेर दिया। यहां यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या एक तरफ गोलीबारी और दूसरी तरफ तनाव कम हो सकता है ? चालबाजी में तो पाकिस्तान हमेशा से ही आगे रहा है। ऐसे में भारत सरकार को सुरक्षा मामलों में किसी भी तरह की ढील नहीं देनी चाहिए क्योंकि पाकिस्तान का यही इतिहास रहा है। सामने तनाव कम करने की बात और दूसरी तरफ आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देने की नापाक कोशिशें।
भारतीय सेना द्बारा सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाक हुकमरान जिस तरह से डरे हुए हैं, उससे उनके समक्ष दूसरा रास्ता भी नहीं है। सीध्ो हमले में उन्हें अपनी हार साफ दिख रही है और जहां तक परमाणु हथियारों की धमकी वाली बात थी, वह भारतीय सेना के एक ही सर्जिकल स्ट्राइक के बाद फुस्स हो गई। इसीलिए उन्होंने इस फार्मूले पर चलने का मन बनाया कि भारत को सीमा पर तनाव कम करने की बात पर उलझाओ और दूसरी तरफ अपनी नापाक कोशिशों को अंजाम दो। लिहाजा, भारत सरकार को पाक पर किसी भी स्तर पर भरोसा नहीं करना चाहिए।
  हाल में कई ऐसी घटनाएं हुईं हैं, जिनमें कई निर्दोष लोग मारे गए। चाहे व पठानकोट का मामला हो या फिर कोई अन्य आतंकवादी घटना। सभी घटनाओं में सीध्ो तौर पर पाकिस्तान के हाथ होने के सबूत हैं। भारत सरकार द्बारा पाकिस्तान सरकार को वे सबूत भी पेश किए गए, लेकिन क्या पाकिस्तान ने उन आतंकियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की, जो भारत में हुई आतंकी घटनाओं में शामिल रहे।
  पाकिस्तान उन्हीं आतंकवादियों को पालने-पोसने में अधिक पैसा बहा रहा है, जो भारत में जहर घोलना चाहते हैं। यहां दुनिया के दूसरे देशों को भी पाकिस्तान की नीयत को समझना होगा। जहां पाक को आतंकवादी देश घोषित करने के प्रयास चल रहे हैं, उसे अंजाम तक पहुंचाना होगा। तभी पाकिस्तान को सबक मिलेगा। वहीं, भारत को पाकिस्तान के किसी भी बहकावे से बचना होगा, जिससे भविष्य में न कोई जवान और न ही आम निर्दोष लोग पाक की नापाक कोशिशों के शिकार हों।


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