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    प्रीति पटेल ब्रिटेन में गृह मंत्री बनने वाली पहली भारतीय मूल की शख्स बन गई हैं। उन्हें प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने अपनी कैबिनेट में गृहमंत्री नियुक्त किया है। प्रधानमंत्री टेरीजा के दौर में वह ब्रेग्जिट रणनीति के मुखर आलोचकों में शामिल रहीं थीं। प्रीति पटेल कंजरवेटिव पार्टी के नेतृत्व के लिए बैक बोरिस अभियान की वह मुख्य सदस्यों में से एक थी, जिसकी वजह से समझा जा रहा था कि उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी मिलेगी। 47 वर्षीय प्रीति पटेल ब्रिटेन में भारतीय मूल के लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। इसकी वजह उनका ब्रिटेन में भारतीय मूल के लोगों के सभी प्रमुख कार्यक्रमों में अतिथि के तौर पर शामिल होना रहा है। वह ब्रिटेन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्साही प्रशंसकों में भी शामिल हैं। वह कई अन्य अभियानों के अलावा ब्रिटेन के यूरोपिय संघ-ईयू से बाहर होने के पक्ष में जून 2०16 के जनमत संग्रह की अगुआई में प्रीति पटेल ने वोट लीव अभियान भी चलाया था।
Priti Patel

   प्रीति पटेल सबसे पहले 2०1० में विटहैम से सांसद चुनी गईं थीं। इसके बाद भी वह 2०15 और 2०17 में भी विजयी हुईं थीं। वह डेविड कैमरन सरकार में रोजगार मंत्री भी रह चुकी हैं, जबकि उन्हें दो साल पहले टरीजा सरकार में विवाद के कारण इस्तीफा देना पड़ा था। असल में, उन्होंने नंवबर 2०17 में इजरायल के अधिकारियों के साथ गु’ बैठकों को लेकर राजनयिक प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया था, जिसके बाद अंतर्राष्ट्रीय विकास मंत्री के पद से उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था।
 प्रीति के पिता नाम सुशील और माता का नाम अंजना पटेल है। प्रीति का जन्म 29 मार्च 1972 को हुआ। उनके माता-पिता मूलरूप से गुजरात भारत के हैं, लेकिन वे युगांडा चले गए थ्ो। 196० के दशक में वह तब ब्रिटेन में बस गए, जब वहां के राष्ट्रपति ईदी अमीन ने युगांडा के एशियाई लोगों को निष्कासित करने की घोषणा की। इसके बाद वे ब्रिटेन के शहर हर्टफोर्डशायर में जाकर बस गए। यहां जाकर उन्होंने लंदन और इंग्लैंड के दक्षिण पूर्व में समाचार-पत्रों की एक ऋंखला भी स्थापित की। प्रीति को स्नातक करने के बाद 1995 से 1997 तक, कंजरवेटिव सेंट्रल ऑफिस में एंड्रयू लैंसले द्बारा भर्ती किया गया, जिसमें रेफरेंडम पार्टी के प्रेस कार्यालय का नेतृत्व किया, जो 1995 की अधिकांश निर्वाचन क्ष्ोत्रों में उम्मीदवार थीं।
 उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा कीले विश्वविद्यालय और एसेक्स विश्वविद्यालय से हासिल की। वह 2०16 से 2०17 तक अंतर्राष्ट्रीय विकास सचिव थीं। कंजरवेटिव पार्टी की सदस्य के नाते वह वैचारिक रूप से पार्टी के दक्षिणपंथी पद पर तैनात हैं और कंजरवेटिवों के प्रति निष्ठा को बदलने से पहले वह रेफरेंडम पार्टी से जुड़ी रहीं। इसके अतिरिक्त उन्होंने कई सालों तक जनसंपर्क कंसल्टेंसी फर्म वेबर श्ौंडविक के लिए काम किया, जिसके हिस्से के रूप में उन्होंने तंबाकू और शराब उद्योगों की पैरवी भी की। उनकी शुरूआत से ही राजनीतिक महत्वाकांक्षा थीं, लिहाजा उन्होंने 2००5 में आम चुनाव के दौरान चुनाव लड़ा, लेकिन वह नॉटिंघम नॉर्थ से चुनाव नहीं जीत पाईं, लेकिन आगे चलकर उनका राजनीतिक सफर तेजी से करवट लेता रहा और वह चुनाव जीतती रहीं। उसकी परिणाम है कि अब उन्हें ब्रिटेन में गृहमंत्री बनाया गया है।

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