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जोजरी नदी के कायाकल्‍प के लिए 172.58 करोड़ रुपए स्वीकृत

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री बोले, पांच साल में सालावास में ऐसा रिवर फ्रंट बनाएंगे कि लोग पिकनिक मनाने आएंगे  

जोधपुर, 15 मार्च। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि जोजरी नदी अब हम सबके लिए अभिशाप नहीं, बल्कि वरदान साबित होगी। 172.58 करोड़ की धनराशि से नदी का कायाकल्‍प होगा, जिसके अंतर्गत न तो जोधपुर का सीवरेज का पानी नदी में जाएगा और न ही औद्योगिक प्रतिष्‍ठानों से निकलने वाला केमिकल युक्‍त पानी नदी को प्रदूषित कर पाएगा, क्‍योंकि ऐसे प्रदूषित पानी को शोधित करने की योजना डबल इंजन की सरकार में शुरू हो चुकी है। उन्होंने कहा कि आने वाले पांच साल में सालावास में ऐसा रिवर फ्रंट बनाएंगे कि लोग यहां पिकनिक मनाने आएंगे। 

शुक्रवार को राजस्थान के जोधपुर में जोजरी नदी पुर्नद्धार कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अपने 30 साल के सार्वजनिक जीवन में मैंने सालावास क्षेत्र में जोजरी नदी के संकट को बहुत ही गहराई से महसूस किया है। जब वर्ष 2019 में जलशक्ति मंत्री का दायित्‍व मिलने के बाद जब भी मुझे सालावास, नंदवान और इस नदी के अरावत तक 31 किमी प्रवाह क्षेत्र के लोग मिलते थे तो यही बात कहते थे कि नदी का पुर्नद्धार आप कैसे कर सकते हैं, लेकिन पिछली गहलोत सरकार की उदासीनता थी कि 15वें वित्‍तीय आयोग से बजट आवंटित होने के बाद भी उन्होंने इसमें कोई भी रुचि नहीं दिखाई। अब जैसे ही राज्‍य में डबल इंजन की सरकार बनी, इस दिशा में तत्‍काल कार्य शुरू कर दिया है। 

400 करोड़ स्वीकृत कराए

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वर्ष 2019 में मोदी जी के नेतृत्‍व में सरकार बनने के साथ 15वें वित्‍तीय आयोग का गठन हुआ था। उसके अध्‍यक्ष एन.के सिंह बने थे। मैंने पत्र के माध्‍यम से उनसे जोजरी नदी के पुर्नद्धार के लिए धनराशि आवंटित करने का आग्रह किया था, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से एलिवेटेड रोड के निर्माण के लिए धनराशि आवंटित करने का आग्रह किया था। मुझे खुशी है कि एन.के. सिंह ने मेरे निवेदन को प्राथमिकता देते हुए 400 करोड़ रुपए सेंशन किए। उसके बाद मैंने गंगा नदी को अविरल बनाने में जुटे विशेषज्ञों और अधिकारियों की टीम को जोधपुर भेजा, जिन्‍होंने पैदल नदी क्षेत्र का दौरान कर पानी का सर्वे किया। एक प्रोजेक्‍ट रिपोर्ट बनाकर इस ध्‍येय के साथ जोधपुर कलेक्टर के कार्यालय में जमा कि वो प्रस्‍ताव बनाकर राज्‍य सरकार को भेजें। राज्‍य सरकार प्रस्‍ताव केंद्र सरकार को भेजे, जिससे नदी के शुद्धीकरण के लिए काम किया जा सके, लेकिन दुर्भाग्‍य से वो फाइल जोधपुर कलेक्‍टर के ऑफिस से बाहर नहीं निकल पाई। 

गहलोत सरकार ने बर्बाद किए साढ़े चार साल

शेखावत ने पूर्ववर्ती गहलोत सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जोजरी नदी के पुर्नद्धार के लिए धनराशि सेंशन होने के बाद भी गहलोत सरकार ने साढ़े चार साल बर्बाद कर दिए, क्‍योंकि उन्‍होंने इसमें कोई रुचि नहीं दिखाई। उन्‍हें काम नहीं, बल्कि अपनी राजनीति साधनी थी, लेकिन अब जब डबल इंजन की सरकार बन गई है तो इसमें हवा की गति के मुताबिक काम होगा। 400 करोड़ की धनराशि रिलीज करने के लिए मात्र छह माह बचे हैं और हमारे पास केवल 100 दिन, लेकिन राज्‍य सरकार के सहयोग से इसे हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा। 

नहीं गिरेगा सीवरेज का एक बूंद भी पानी

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जोधपुर शहर में प्रतिदिन 250 मिलियन एमएलडी पानी हर रोज सप्‍लाई होता है, जिसमें लगभग 20-22 करोड़ लीटर पानी सीवरेज के रूप में जनरेट होता है, लेकिन जोधपुर सीवर ट्रीटमेंट प्‍लांट की क्षमता 10 से 12 करोड़ लीटर ही है। इसी को ध्‍यान में रखते हुए चार नए एसटीपी प्‍लांट स्‍वीकृत किए गए हैं, जिसके बाद जोधपुर का एक बूंद भी गंदा पानी जोजरी नदी में नहीं गिरेगा।

इजराइल के साथ किया समझौता

शेखावत ने कहा कि इजराइल के साथ अहमादाबाद में एक सीवरेज ट्रीटमेंट प्‍लांट का समझौता हुआ है, जिसमें 100 एमएलडी पानी प्रतिदिन आता है, जिसे इजराइल की तकनीक से शोधित किया जाता है, जिससे अहमदाबाद शहर के बाहर चारों तरफ सब्‍जी पैदा करने वाले किसानों को 100 फीसदी शोधित पानी मिल सके और ड्रिंप प्रणाली से सिंचाई हो। जोधुपर के पास 200 मिलियन लीटर पानी है, जिससे 50 हजार एकड़ जमीन की सिंचाई सुनिश्चित हो जाएगी। 

फैक्ट फाइल

- 172.58 करोड़ जोजरी नदी के कायाकल्‍प के लिए आवंटित 

- 10 एमएलडी क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनेगा

- 54 किलोमीटर लंबाई की सीवरेज लाइन झालामंडल में नवीन विकसित क्षेत्रों में दो चरणों में बिछेंगी

- 53.63 करोड़ घरों को सीवरेज कनेक्‍शन से जोड़ने पर खर्च होंगे  

- 30 एमएलडी क्षमता के सीवरेज ट्रीटमेंट प्‍लांट का नांदड़ी गांव में अपग्रेडेशन, 53.86 करोड़ खर्च होंगे 

- 51.99 करोड़ सालवास और नांदड़ी एसटीपी को जाने वाली विधमान मुख्‍य ट्रंक सीवर लाइन के पुराने व खराब पाइपों का सीआईपीपी टेक्‍नोलॉजी से सुदृढ़ीकरण करने पर खर्च होंगे

-  13.10 करोड़ जोजरी की ओर प्रवाह करने वाले नालों के गंदे पानी को इंटरसेप्‍ट कर सीवरेज लाइन में डायवर्जन करने के कार्य, नालों में पंपिंग स्‍टेशन निर्माण कार्य पर खर्च होंगे  

- 60 प्रतिशत पैसा केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत पैसा राज्‍य सरकार वहन करेगी

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