1 क्या भारत पहुंच चुका है कोविड का नया स्ट्रेन ! I Has Covid's new strain reached India! - the opinion times

क्या भारत पहुंच चुका है कोविड का नया स्ट्रेन ! I Has Covid's new strain reached India!


क्या दुनिया भर में हड़कप मचाने वाला कोविड का नया स्ट्रेन भारत भी पहुंच चुका है ? सबके जेहन में यह सवाल तेजी से उठने लगा है। इसकी आशंका अहमदाबाद एयरपोर्ट पर कोविड-19 से पीड़ित मिले चार यात्रियों के बाद और भी बढ गई है। यह अहमदाबाद एयरपोर्ट पर पहुंचने वाली लंदन की अंतिम फलाइट थी, क्योंकि स्ट्रेन के फैलाव के खतरे को देखते हुए फिलहाल आगे फलाइट की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। रोक लगाने से पहले जब अंतिम फलाइट ने यहां लैंड की तो 275 लोगों की जांच की गई, जिसमें चार यात्री पॉजिटिव पाए गए, जिनमें एक ब्रिटिश यात्री भी शामिल था। अहमदाबाद के अलावा लंदन से दिल्ली आए विमान में सवार छह यात्री भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए। दिल्ली पहुंचे विमान से उतरकर एक आदमी चेन्नई के लिए रवाना हुआ और वहां जांच में उसके भी पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई है। इन मामलों के सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है और यह आांका बढ गई है कि शायद, भारत में भी कोविड का नया वेरियंट दस्तक दे चुका है। वैसे, मंगलवार को ब्रिटेन से 1500 से ज्यादा लोग भारत आए हैं, जिनमें कुल 24 संक्रमितों की पुष्टि हुई है। यह संख्या और बढ सकती है, क्योंकि अभी सभी की रिपोर्ट नहीं आई है। हालांकि सरकार की तरफ से कहा जा रहा है कि नए वेरिएंट स्ट्रेन वाले कोविड का एक भी मामला अभी भारत में कंफर्म नहीं हुआ है। जिस तरह ब्रिटेन में मिला यह नया म्यूटेशन लोगों को तेजी से संक्रमित कर रहा है, ऐसी स्थिति में केंद्र सरकार का दावा राहत देने वाली खबर है। सरकार द्बारा यह भी कहा जा रहा है कि इससे कोरोना वैक्सीन की प्रासेस पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा।


दरअसल, इसी सप्ताह की शुरूआत में जब ब्रिेटेन में कोविड के नए वरिएंट की खबर आग की तरह फैली और दुनिया के कई देशों ने ब्रिटेन से आने वाले विमानों की आवाजाही पर रोक लगाई, उसके बाद भारत भी सतर्क हुआ और ब्रिटेन से आने वाले विमानों की आवाजाही पर आगामी 31 दिसंबर तक रोक लगा दी। पर, गुजरात के अहमदाबाद एयरपोर्ट पर अंतिम विमान उतरा तो इसमें सवार सभी 275 यात्रियों की जांच की गई। इसमें चार यात्री कोविड-19 पॉजिटिव मिले, जिनमें एक यात्री ब्रिटिश था। अहमदाबाद म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन के डिप्टी म्यूनिसिपल कमिश्नर ओम प्रकाश माछरा के अनुसार एयर इंडिया का यह विमान लंदन से मंगलवार सुबह 10.30 बजे आया था। यात्रियों की सैंपल जुटाने की पू्री प्रक्रिया शाम तक पूरी हुई। उन्होंने कहा कि हमने 275 यात्रियों के कोविड टेस्ट किए थे, जिनमें से 271 यात्री नेगेटिव मिले, जबकि, एक ब्रिटिश समेत चार यात्री कोरोना वायरस पॉजिटिव पाए गए। दूसरा, लंदन से दिल्ली आए विमान में सवार छह यात्री भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए। दिल्ली पहुंचे विमान से उतरकर एक आदमी चेन्नई के लिए रवाना हुआ और वहां जांच में उसके भी पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई है। 

पर यहां अब सवाल केवल इन्हीं यात्रियों के संक्रमित होने का नहीं है, ब्रिटेन में सिंतबर में ही कोविड का यह नया वेरिएंट सामने चुका था। तब से कितने लोग ब्रिटेन से भारत आए होंगे। पिछले एक माह यानि 25 नवंबर से 22 दिसंबर तक का डेटा बताता है कि 50 हजार 382 लोग ब्रिटेन से भारत चुके हैं। अब सरकार के सामने उनको तलाा करने की भी चुनौती है। ये लोग भी जाने कितने लोगों से मिले होंगे, यह दूसरी तरह की चुनौती है। हालांकि केंद्र सरकार ने इन सभी लोगों की लिस्ट तैयार कर ली है। राज्यों से यह लिस्ट साझा की जा रही है। ये जितने भी लोग भारत आए हैं, उनमें 16 हजार 281 लोग दिल्ली में उतरे हैं। इनकी भी तलाश शुरू कर दी गई है। 

बाहरी देशों से आने जितने भी लोग रहे हैं, उनकी जांच को लेकर सरकार गंभीर तो है, पर संदेह इस बात को लेकर बढ रहा है कि कहीं कोविड का नया वेरिएंट भारत में घुस जाए। एहतियातन इंदिरा गांधी इंटरनेानल एयरपोर्ट पर कोरोना वैक्सीन को स्टोर करने की भी तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं। 

इस बीच केरल से रही खबर चिंता पैदा करने वाली हैं। केरल में एक दिन में सबसे ज्यादा 6049 मामले सामने आए हैं, जो आकड़ा महाराष्ट्र में आए आकड़ों से भी दोगुना है। केरल में अब 61 हजार एक्टिव केस हैं, जबकि महाराष्ट्र में 58 हजार। ऐसे में सवाल यह है कि क्या केरल में कोविड के नए वरिऐंट के मामले सामने चुके हैं। स्थानीय मीडिया रिपोट्र्स में केरल के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि चूंकि यह वायरस ब्रिटेन में सितंबर से सक्रिय है और इस दौरान केरल में हजारों विदेाशी यात्री चुके हैं तो इस बात की बहुत अधिक संभावना है कि नए वायरस के मामले राज्य में मौजूद हों। इसके बारे में तब सही जानकारी लग सकेगी, जब स्वास्थ्य मंत्रालय या आईसीएमआर के निर्देा पर यहां सभी नमूनों का पूर्ण जिनोम अध्ययन किया जाए। इस वायरस को लेकर जो एक और तथ्य सामने रहा है, वह यह है कि युवाओं पर इस वायरस का सबसे अधिक प्रभाव पड़ने की आशंका है। यूरोपीय सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ने इस बात को स्वीकार किया है। वैज्ञानिकों ने इस नए वायरस का नाम बी.1.1.7 रखा है। इसीलिए युवाओं को भी बहुत सतर्क रहने की जरूरत है। 

जहां तक केंद्र सरकार की बात है, भले ही वह दावा कर रही है कि यहां कोविड का यह नया वेरिएंट नहीं पहुंचा है, पर सरकार इसको लेकर चितिंत नहीं है ऐसा भी नहीं है, क्योंकि सरकार भी जानती है कि अगर यह नया वेरिएंट भारत में प्रवेा कर गया तो इसे नियंत्रित करना मुकिल हो सकता है। नीति आयोग के सदस्य डॉक्टर वीके पॉल ने भी माना है कि ब्रिटेन में मिला कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन सुपर स्प्रेडर साबित हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटेन के शोधकर्ताओं से हमने बात की है। पता चला कि म्यूटेशन के चलते संक्रमण की रफ्तार बढ रही है। विश्लेषण के आधार पर कहा जा सकता है कि घबराने की कोई बात नहीं है, लेकिन और सतर्क रहना पड़ेगा। 

आइए अब जान लेते हैं, देश में कोरोना संक्रमण के क्या आकड़े हैं। देश में अब तक 1 करोड़ 99 लाख केस सामने चुके हैं, जिनमें 1.46 लाख लोगों की मौत हो चुकी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश में इस समय 2.87 लाख एक्टिव मामले हैं, जो पिछले 163 दिनों में सबसे कम है। देा में एक्टिव मामलों का घटना अच्छा संकेत है, पर वायरस के नए वेरिएंट के फैलाव का खतरा इसीलिए भी बढता दिख रहा है, क्योंकि यह वायरस ब्रिटेन से बाहर निकल चुका है। इटली और फ्रांस ने भी अपने यहां इस संक्रमण के केस आने की पुष्टि की है। इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका में संक्रमण की दूसरी लहर का कारण भी इसी वायरस को माना जा रहा है। वहीं, अमेरिकी अधिकारियों ने आशंका जताई है कि देा में नए वायरस के कारण तेजी से मामले बढ रहे हैं। इन सब परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए केवल सरकार को गंभीर एहतियाती कदम उठाने की जरूरत है, बल्कि लोगों को भी बेहद सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि अभी कोरोना वैक्सीन लगनी भी शुरू नहीं हुई है, ऐसे में नए वायरस का खतरा जिस तरह बढ रहा है, उससे बचने का सतर्कता ही सबसे बेहतर उपाय है। 

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