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 ये कदम जब चल दिए मंजिल पाने की ओर, तो फिर रास्तों की मुश्किलों की किसको परवाह। नई दिल्ली के द्वारका स्थित यशोभूमि में 15 से 19 मई 2024 तक चलने वाली इंडिया स्किल्स प्रतियोगिता 2024 में महिलाओं की भागीदारी एक विश्वास की कहानी बयान कर रही है। वे साबित कर रही हैं कि कौशल और प्रतिभा, जेन्डर से बाधित नहीं होती है। ये मंच महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करने के केंद्र के विज़न को भी बढ़ावा दे रही है। इंडियास्किल्स 2024 का मंच ऐसे ही साहसी और अपने इरादों की मजबूत महीलाओं की कहानी बयान कह रहा है। 

कृष्णा सुनवार ने अपने सपनों को साकार

सिक्किम की रहने वाली कृष्णा ने हालातों से लड़ने के प्रयास में कुछ ऐसा किया जो दिशा के बिल्कुल विपरीत था। अपने इसी प्रयास से कृष्णा आज इंडियास्किल्स प्रतियोगिता के मंच तक आ पहुँची हैं। जीवन की यह लंबी यात्रा कृष्णा के लिए बहुत सरल और सहज नहीं थी। कृष्णा ने जीवन में आगे बढ़ने के लिए कठिन फैसले लिए हैं।

कृष्णा कहती हैं कि “इंडियास्किल्स प्रतियोगिता कौशल को बढ़ावा देकर व्यक्तिगत विकास को बढ़ाती है। मेरे कौशल में हुई वृद्धि से मुझे निर्णय लेने में आसानी होती है। भविष्य में अपने कौशल के द्वारा मैं एक स्वस्थ एवं खुशहाल समाज में अपना योगदान देना चाहती हूँ। ।

अर्पिता ने कठिनाइयों को एक सुनहरे भविष्य में बदला

अपने सपनों की मंजिल तक पहुंचने के लिए, ओडिशा राज्य के कंधमाल जिले के जी. उदयगिरि की रहने वाली अर्पिता ने जीवन में कठिन से कठिन परिस्थितियाँ भी देखी। लेकिन एक बात है जो अर्पिता को हमेशा आगे बढ़ाती रही, वो है उनके नेक इरादे और दृढ़-संकल्प। आज अपनी मेहनत और लगन से अर्पिता ने इंडियास्किल्स मंच पर अपनी एक अमिट छाप छोड़ी है।

इंडियास्किल्स में भाग लेने से अर्पिता को तकनीकी कौशल को निखारने, राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने और उद्योग विशेषज्ञों के साथ अपना अनुभव साझा करने का अवसर मिला है। इस प्रतियोगिता से अर्पिता को एक उज्ज्वल भविष्य की नई किरण दिखाई देने लगी है। अर्पिता को पूरा विश्वास है कि वह इस कौशल प्रतियोगिता की विजेता बनकर अपने राज्य का नाम अवश्य रोशन करेगी। 

मृद्मिता ने अपने हौसलों को दी नई उड़ान

लोगों को सुन्दर बनाने का ख्वाब लेकर अपने जीवन में कुछ नया करने वाली मृदमिता ने कॉस्मेटोलॉजी स्किल्स में सभी को प्रभावित किया है। 12वीं पास मृद्मिता आज आईटीआई की पढ़ाई करते हुए अपने सपनों को साकार करने की दिशा में निरन्तर आगे बढ़ रही है। मृद्मिता अपने कठिन परिश्रम और लगन से सुनहरे भविष्य का निर्माण करते हुए इंडियास्किल्स के मंच तक आ पहुँची है। 

मृद्मिता कहती हैं कि “इंडियास्किल्स एक ऐसा बड़ा प्लेटफॉर्म है जो युवाओं के अन्दर एक नया जोश और उत्साह भर देता है। मुझे खुशी है कि एक छोटे से कस्बे से निकलकर मैं राजधानी दिल्ली तक पहुँची हूँ। मुझे पूरा विश्वास है कि इंडियास्किल्स प्रतियोगिता की विजेता बनकर मैं ल्योन, फ्रांस में भारत का सफल नेतृत्व करूंगी।   

इंडियास्किल्स के विजेता, सर्वश्रेष्ठ उद्योग प्रशिक्षकों की मदद से, सितंबर 2024 में फ्रांस के ल्योन में होने वाली वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता के लिए तैयारी करेंगे। इसमें 70 से अधिक देशों के 1,500 प्रतियोगी एक साथ आएँगे।

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